कोलकाता,सप्तर्षि विश्वास lजहां पूरा देश कोरोना महामारी एवं लॉकडाउन की मार झेल रहा है वहीं कुछ मिल मालिक इसका फायदा उठाते हुए धड़ल्ले से चला रहे हैं अपना व्यवसाय.
दरअसल लॉकडाउन के दौरान कई उत्पादों की खपत में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
खासतौर पर 3 प्लाई मास्क, डिस्पोसेबल बॉफेंट कैप,शू-कवर,ग्लव्स,डॉक्टर गाउन इत्यादि. सबसे दिलचस्प बात ये है कि ये सभी उत्पाद नॉन वोवन फैब्रिक्स से बनते हैं. और इसी बात का फायदा उठाते हुए मिल मालिकों ने नॉन वोवन फैब्रिक्स की कीमतों को बढ़ा दिया है.
कितनी बढ़ाई गई है कीमत-
सूत्रों के अनुसार कोरोना महामारी एवं लॉकडाउन से पहले यह 112 से 115 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव में उपलब्ध होता था लेकिन अब इसका भाव 165 से लेकर 175 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है.
कच्चे तेल से नॉन वोवन फैब्रिक्स का सीधा सम्बंध-
आपको बता दें, नॉन वोवन फैब्रिक्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल(क्रूड ऑयल) की कीमतों पर निर्भर करता है. आजकल कोरोनो के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की डिमांड भी बेहद कम हो गई है. जिसका असर इसकी कीमतों पर पड़ा है. मौजूदा रेट के मुताबिक एक बैरल कच्चा तेल भारतीय रुपये में 1500 रुपये का पड़ रहा है. एक बैरल में 159 लीटर होती है. इस तरह से देखें तो एक लीटर क्रूड आयल का दाम 9.43 रुपये प्रति लीटर से भी कम पड़ रहा है.
लेकिन फिर भी मिल मालिकों ने अपने मुनाफे के लिए नॉन वोवन फैब्रिक्स की कीमतों में अचानक वृद्धि कर दी है.
क्या हुआ इसका नतीजा-
अब अगर आप इसके नतीजे की बात करें तो जो 3 प्लाई मास्क कोरोना महामारी से पहले 2 रुपये(1 पीस) में बिकते थे, अब वह 8 से लेकर 10 रुपये में बिक रहे हैं. वहीं बॉफेंट हेयर कैप जिसकी कीमत 70 से 90 पैसा (1 पीस)हुआ करता था अब उसकी कीमत बढ़कर 3 से 5 रुपये के बीच हो गए हैं.
इस बीच संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को एकजुट होने के लिए आग्रह किया है. ऐसे में मिल मालिकों को भी वक़्त की नजाकत को समझते हुए नॉन वोवन फैब्रिक्स की कीमतों में कुछ नरमी बरतनी चाहिए. सरकार को भी इन सभी मुद्दों पर अपनी पैनी नज़र रखने की आवश्यकता है.





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